Thursday, December 3, 2009

जिन्दगी की राहे

जिन्दगी के सफ़र में अक्सर एक ऐसा मक़ाम आता है जहाँ आपको दो रास्ते मिलते है जिसमे से एक बहुत खुला (चोडा) और एक बहुत संकरा (तंग) होता है लेकिन जैसे-जैसे आप आगे बड़ते है खुला रास्ता तंग और तंग रास्ता चोडा होता जाता है इसलिए  बहुत सोच समझ कर अपना सफ़र और रास्ता तय कीजिये . वो रास्ता जो आज आपको बेहद सुविधाजनक लग रहा है उस पर चलते हुए एक दिन ये हालत हो जाएगी की साँस लेने को भी जगह न मिलेगी और आज जिस रास्ते पर आपको पैर तक रखने में दिक्कत हो रही है वो एक दिन बहेद सुविधाजनक हो जायेगा .

1 comment:

IRFAN said...

ab to ulta hi ho raha hai.jis raate per chalo woh sakre se sakra hota jaa raha hai....yakeen na hi to aap bhi dilli aakar dekh lijiye.