मै कोई धर्मगुरु नही, कोई उपदेशक नही, कोई पंडित, मोलवी या पॉप भी नही, मै कोई ज्योतिष या भविष्यवक्ता भी नही न मै भगवन हूँ न मै शेतान हूँ दुनिया माने या न माने लकिन मै एक इन्सान हूँ
Monday, January 18, 2010
जिव्हा को चलाइए जरा सोच के
दुनिया में दो तरह के नासमझ होते है, एक वो जो बोलने के वक्त पर चुप रहते है और एक वो जो चुप रहने के वक्त भी बोलते है परमपिता ने जिव्हा दी है जिस से आप बड़ी से बड़ी जंग शुरू भी कर सकते है और हर एक झगडा रुकवा भी सकते है मर्जी और चुनाव आपका
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