Thursday, November 26, 2009

जुल्म से "खुद" लड़िये तो खुदा साथ देगा : 26 - 11 पर विशेष


इसमें कोई शक नहीं की अगर हम दिल से पुकारे तो खुदा हमारी मदद जरूर करता है लेकिन ये भी सच है की खुदा उनकी मदद करता है जो खुद अपने लिए कुछ करे (उठ बांध कमर क्या डरता है फिर देख खुदा क्या करता है)  बेशक इन्सान को हमेशा अपने अल्लाह को याद करते रहना चहिये लेकिन जब कोई जुल्मी आप पर जुल्म करे तो वो वक्त राम भजन करने का नहीं है राम से सब के लिए सन्मति मांगिये लेकिन खुद भी सदबुधि से काम लीजिये  और ये याद रखिये की जुल्म करने वाला अगर दोषी है तो जुल्म सहने वाला भी मुजरिम है जब कोई आप पर जुल्म करे तो उस परम पिता से उस जुल्मी से लड़ने की ताकत मांगिये जुल्मी जुल्म करना छोड़ दे प्रभु से ऐसी सन्मति उस जुल्मी को देने को कहिये लेकिन आप भी जुल्म सहना छोड़ दे अपने लिए भी ऐसी सदबुधि मांगिये और जब जुल्मी को समझाने  की हर एक कोशिश बेकार हो जाये तो फिर तो भगवन कृष्ण ने भी यही कहा है की युद्ध ही सही और अंतिम उपाए है फिर सामने कितना ही बड़ा और विशाल शत्रु क्यों न हो उससे लड़िये (जे चिड़िया नाल बाज़ लाडवा ता गोविन्द सिंह नाम धरावा) तो चुप चाप गुलामो की तरह सब सहना छोडिये इस गुलाम मानसिकता से आज़ादी पाइए और लड़ना सीखिए और जो हमारे लिए लड़े और शहीद हो गए उनको सलाम कीजिये .

शहीदों को सलाम

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