मै कोई धर्मगुरु नही, कोई उपदेशक नही, कोई पंडित, मोलवी या पॉप भी नही, मै कोई ज्योतिष या भविष्यवक्ता भी नही न मै भगवन हूँ न मै शेतान हूँ दुनिया माने या न माने लकिन मै एक इन्सान हूँ
Wednesday, November 25, 2009
सबसे बड़ा गुण प्रेम है
जो इन्सान प्रेम नहीं करता वो भले ही सर्वगुण संपन हो बेकार है और जिस के मन में सब के प्रति प्रेम हो वो उसमे बेशक कोई गुण न हो तब भी पूजा के लायक है .
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