Thursday, November 5, 2009

क्या टल गया है अकाल का संकट ?

एक तरफ महंगाई सातवे आसमान पर है और दूसरी तरफ सोने - चांदी और शेयर बाज़ार भी उसी ऊंचाई पर है इसका मतलब ये हुआ की आम जनता के पास पैसा बहुत है लेकिन वो अपनी रोज़ मर्रा की जरूरतों की जगह सारा पैसा सोना चांदी और शेयर खरीदने में लगा रही है लेकिन मेरे ख्याल से ऐसा नहीं है मेरे विचार से कुछ लोग अपने काले धन का एक बड़ा हिस्सा बाज़ार में लगा रहे है और ये शेयर बाज़ार की ऊंचाई और सोने -चांदी की चमक  नकली और बनावटी है और मेरे ख्याल से छोटे निवेशक को इस से सावधान रहना चहिये क्योकि जो लोग बाज़ार को जान बुझ कर ऊपर ले जा रहे है वो जिस दिन निचे ले कर आयेगे उस दिन सबसे ज्यादा नुकसान छोटे निवेशक का ही होगा ( इसलिए मै छोटे निवेशको को सावधान करना चाहता हूँ ) यही नहीं मुझे तो अभी देश और दुनिया में फिर से सूखे और अकाल जैसे हालत भी दिख रहे है ( मै कोई ज्योतिष नहीं हूँ और कोई भविष्यवाणी नहीं कर रहा ) बेशक देश और दुनिया की सरकारे इस तरह की किसी बात की घोषणा बहुत सोझ समझ कर करेगी हलाकि महंगाई बनी रहेगी और कुछ और बड सकती है इस तरह की घोषणा पवार साहिब कर चुके है और अगर देश में अनाज की कमी नहीं है तो महंगी क्यों बनी रहेगी और क्यों और ज्यादा होगी ये मेरी समझ से बाहर है पर एक बात मेरी समझ में आती है की हालत बुरी है और इससे भी बदतर हो सकती है और मै तो यही दुआ करूगा की ऐसा कुछ हो ही नहीं वो सबसे बड़ी ताकत वाला हर एक मुश्किल टाल दे  और आप लोग भी उस परम शक्ति से यही दुआ  कीजिये वैसे तो मुझे अपने भारत वासियों से पूरी उम्मीद है की वो सब कुछ सह लेंगे पर कुछ करेगे नहीं लेकिन कम से कम दुआ तो कीजिये  
 

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