Tuesday, November 3, 2009

ये हिंदुस्तान है

आज सुबह मुझे चिटठा जगत पर अपना ब्लॉग add करने में कुछ मुश्किल आई जो मैंने अपने ब्लॉग के जरिये ही आप सब को बताई और कुछ ही देर में बी. एस.पाबला, मिया महफूज अली और पंडित डी. के.  शर्मा. "वत्स" जी ने मुझे जानकारी भेज दी इसके लिए सबसे पहले तो मै इन तीनो का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ और साथ ही भारत के दुश्मनों को ये भी दिखाना चाहता हूँ की ये देखो ये है मेरे भारत की ताकत एक पर मुश्किल पड़ते ही हिन्दू, मुस्लिम और सिख सब उसकी मदद को खड़े हो गए और तुम इस हिंदुस्तान को तोड़ने के जो ख्वाब देख रहे हो वो भूल जाओ और अगर नहीं भी तो देखते भी रहो क्या फर्क पड़ता है                             

8 comments:

Mohammed Umar Kairanvi said...

भैया नसीब की बात है, अपना तो कोई मुसलमान भाई भी सहायता को ना आया, कैरानवी तो 8 महीने से प्रयत्‍न कर रहा है कि ब्लागवाणी उसे add करले, सब एडिटर, राजस्‍थान पत्रीका, प्रवीण जाखड जी भी दरखास्‍त लगा चुके कि 'मिस्‍टर कैरानवी' का मेम्‍बरशिप दी जाये,
पर अंधेर कोई सुनता ही नहीं,

आपका सौभाग्‍य
मुबारक हो

फ़िरदौस ख़ान said...

सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा...

M VERMA said...

हम सब एक है

परमजीत सिहँ बाली said...

बहुत बढ़िया.....अच्छा लिखा है

Udan Tashtari said...

बधाई!!

महेन्द्र मिश्र said...

बहुत बढ़िया...

जबलपुर-ब्रिगेड said...

यहां मंदिर और मस्ज़िद का इक ही दरवाज़ा
पास ही चर्च की घंटी सुनाई देती है
कुरान बांचते बच्चे बिरहमन के देखो
हाथ मोमिन के गीता दिखाई देती है
ऐसा मंज़र यहीं था और यहीं है यारो
बहन सीमा मुझे शबनम दिखाई देती है..

KK Mishra of Manhan said...

क्या बात कही भाई वाह वाह !!!